सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Poison और Venom... दोनों होते तो जहर ही हैं, लेकिन इनके बीच है बड़ा अंतर ! क्या आप जानते है ?

वैसे तो Poison और Venom दोनों शब्द जहर के लिए ही इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन दोनों के मायने अलग अलग हैं. इनके बीच में एक बड़ा अंतर होता है. आइए आज उसे समझते हैं.

दुनिया में अलग-अलग प्रजाति के जीव और वनस्पतियां उपलब्ध हैं. सबके गुणधर्म और उपयोगिता भी अलग-अलग होती हैं. कुछ जानवरों से हमें खाने से संबंधित चीजें मिलती हैं, तो कुछ का इस्तेमाल हम अपने कार्यों को करवाने के लिए करते हैं. इसी तरह तमाम वनस्पतियों का भी हमारे जीवन में अलग-अलग महत्व है. जहां एक तरफ कुछ जीव और वनस्पतियां हमारे लिए उपयोगी होती हैं. वहीं, कुछ जीव और वनस्पतियां ऐसे भी होते हैं, जिनसे हमारी मौत तक भी हो सकती है. इस प्रकार के जीव या तो खूंखार होते हैं या फिर जहरीले होते हैं. जीवों के मामले में जहर के लिए अंग्रेजी भाषा में दो शब्द इस्तेमाल किए जाते हैं, पहला है Poison और दूसरा है Venom.

इन दोनों में काफी अंतर होता है, क्या आप जानते हैं ?

Poison और Venom में अंतर : -

वैसे तो Poison और Venom दोनों ही शब्द जहर के लिए ही इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन दोनों के मायने अलग हैं. इनके बीचमें  एक बड़ा अंतर होता है. लाइव साइंस की रिपोर्ट के अनुसार, Poison वह है, जिसे खाने पर आपकी मौत हो सकती है. हालांकि, Venom से भी मौत हो सकती है, लेकिन Venom उसे कहा जाता है, जिसे आपकी बॉडी में इंजेक्ट किया जाए. 




आसान शब्दों में...

Poison वह ऐसे पदार्थ या जीव है जिसके खाने से हमारी मौत हो सकती है. वहीं, Venom वो जहर है जो किसी जीव के काटने पर आपके शरीर में इंजेक्ट किया जाता है. उदाहरण के लिए कुछ मेंढक या पदार्थो को जहरीला (Poisonous) कहा जायेगा और सांप या बिच्छू को विषैला (Venomous). 


सीधे शब्दों में कहें तो Venom को एक जानवर सीधे इंजेक्ट करता है, जबकि Poison निष्क्रिय रूप से दिया जाता है, जैसे कि छूने या निगलने से.



जहरीला और विषैला में अंतर: - यदि आप इसे काटते हैं और आप बीमार हो जाते हैं, जैसे तो यह जहरीला (Poisonous) होता है. यदि यह आपको काटता या डंक मारता है और आप बीमार हो जाते हैं, तो यह विषैला (Venomous) होता है.

यह भी पढ़े : - फोन का इंश्योरेंस करने से क्या फायदा होता है ? कराना चाहिए या नहीं ?


Poison और Venom दोनों एक तरह के जहरीले पदार्थ हैं, लेकिन इनका उपयोग और प्रभाव भिन्न होते हैं।


Poison (जहर) एक ऐसा पदार्थ है जो संभवतः प्राकृतिक रूप से पाया जाता है या फिर कुछ ऐसे वस्तुओं में होता है जो मनुष्यों या जानवरों के लिए जहरीले हो सकते हैं। जैसे कि, खाने की वस्तुओं में जहरीले द्रव या विषाक्त जीव होते हैं जो खाने से पहले उनकी नींद उड़ा देते हैं या फिर मनुष्य द्वारा बनाए गए जहरीले पदार्थ जैसे कि रासायनिक द्रव होते हैं जो विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं।


Venom (विष) एक ऐसा पदार्थ होता है जो कुछ जीवों द्वारा उत्पन्न किया जाता है जो अपने शिकार को मारने के लिए इसका उपयोग करते हैं। ये जीव अपने शरीर में रखे गुदांश द्वारा विष उत्पन्न करते हैं। विषाक्त जीवों में सांप, मकड़ी, मधुमक्खी, स्कॉर्पियन, वास्तव में कुछ कैटफिश आदि शामिल होते हैं।

यदि कोई आपको बार बार फोन कर के परेशान कर रहा हो तो क्या क्या करना चाहिए ?

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जीवन में कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो - सामूहिक गीत | jivan me kuch karna hai to man ke maare mat baitho - Samuhik geet

प्रेरणा गीत / सामूहिक गीत जीवन में कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो । आगे-आगे बढ़ना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो ॥ चलने वाला मंजिल पाता, बैठा पीछे रहता है । ठहरा पानी सड़ने लगता, बहता निर्मल होता है पाँव मिले हैं चलने के खातिर, पाँव पसारे मत बैठो जीवन में कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो । आगे-आगे बढ़ना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो ॥ तेज दौड़ने वाला खरहा, दो पाँव चलकर हार गया । धीरे-धीरे चलता कछुआ, देखो बाजी मार गया चलो कदम से कदम मिलाकर, दूर किनारे मत बैठो  आगे-आगे बढ़ना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो ॥ धरती चलती तारे चलते, चाँद रात भर चलता है । किरणों का उपहार बांटने, सूरज रोज निकलता है हवा चले तो महक बिखरे, तुम भी ठाले मत बैठो आगे-आगे बढ़ना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो ॥ जीवन में कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो । आगे-आगे बढ़ना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो ॥

Happy father's day top 10 stories in hindi stories | Father's day ki kahaniyan hindi me

हर पिता असाधारण होता है, क्योंकि उनके संघर्ष, जिजीविषा और अनुभव के आगे हर चुनौती छोटी है । इस लेख में है आपके लिए father's day पर 10 कहानियां लेकर आए है जो आपको जरूर पसंद आएंगी। 1. सम्मान का संकल्प बात उन दिनों की है. जब मुझे आठवीं के रिजल्ट के बाद बाद भविष्य के लिए नौवीं कक्षा में किस सब्जेक्ट कार चुनना है, यह तय करना था। लापरवाही के चलते मैं यह डिसाइड नहीं कर सका कि कौन-सी ब्रांच में एडमिशन लेना है। इसी बीच एडमिशन की डेट निकल जाने का पता चला तो मैं दौड़ा-दौड़ा स्कूल गया। अध्यापक से बात की तो उन्होंने कहा, तारीख निकल चुकी है। अब तुम्हारा एडमिशन नहीं हो सकता। मैंने स्कूल के प्रिंसिपल से अनुरोध किया तो वो भी बोले, तुम लेट हो गए। मैंने कहा, ठीक है। पर मैं पिताजी को क्या जवाब दूंगा ? मेरी तो हिम्मत भी नहीं होगी। मैं उन्हें भेजता हूं। आप ही उन्हें बता देना। यह सुनते ही प्रिंसिपल बोले, 'अरे, उन्हें मत भेजना।' मैं मायूस होकर घर पहुंचा तो पिताजी मेरा इंतजार ही कर रहे थे। उन्होंने पूछा एडमिशन हुआ क्या? मैंने कहा, प्रिंसिपल साहब से आप ही पूछ लीजिए। इस पर पिताजी मेरा हाथ पकड़कर स्कूल...

तृप्ति डिमरी की जीवनी - Tripti dimri ki jivni in Hindi

तृप्ति डिमरी ने अपने फिल्मी करियर में अपनी पहचान बनाने के लिए कई संघर्ष किए हैं। उनकी खासियत है कि वे प्रामाणिक और भावनात्मक रूप से गहरी भूमिकाओं को प्राथमिकता देती हैं। यहां उनकी जीवनी के कुछ और पहलू दिए गए हैं। प्रारंभिक जीवन तृप्ति का जन्म 23 फरवरी 1994 को हुआ। उनका परिवार उत्तराखंड से है, लेकिन उनका पालन-पोषण दिल्ली में हुआ। बचपन से ही उन्हें अभिनय और कला के प्रति रुचि थी। वे न केवल पढ़ाई में बल्कि सह-पाठयक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय थीं। करियर की शुरुआत पोस्टर बॉयज (2017): इस फिल्म में तृप्ति का किरदार छोटा था, लेकिन उन्होंने अपने अभिनय कौशल से ध्यान आकर्षित किया। लैला मजनू (2018): इम्तियाज अली द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म में तृप्ति ने लैला का किरदार निभाया। उनकी मासूमियत और गहराई से भरी अदाकारी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। बुलबुल (2020): नेटफ्लिक्स की इस फिल्म ने तृप्ति के करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। इसमें उन्होंने एक रहस्यमय और सशक्त महिला का किरदार निभाया। प्रसिद्धि और प्रशंसा तृप्ति को उनकी फिल्मों के लिए कई पुरस्कार और सम्मान मिले हैं। फिल्मफेयर ...