सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

सितंबर, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

"One must imagine Sisyphus happy."

सिसीफस ग्रीस का एक बेहद चालाक राजा था। उसने अपनी चालाकी से कई बार देवताओं को धोखा दिया और यहाँ तक कि 'मृत्यु' (Thanatos) को ही जंजीरों में बांध दिया, जिससे दुनिया में लोगों ने मरना बंद कर दिया। देवता उससे बेहद नाराज हो गए। उसे सबक सिखाने के लिए उन्होंने सिसीफस को एक अजीब और कभी न खत्म होने वाली सजा दी: सिसीफस को एक बहुत भारी, बड़े पत्थर को धकेलते हुए एक ऊंचे पहाड़ की चोटी तक ले जाना होता था। जैसे ही वह पूरी ताकत लगाकर पत्थर को चोटी पर पहुंचाता, पत्थर अपने वजन के कारण वापस लुढ़क कर नीचे घाटी में आ गिरता। सिसीफस को फिर से नीचे आना पड़ता और उस पत्थर को ऊपर धकेलना पड़ता। यह सिलसिला अनंत काल  तक, बिना रुके बस चलता ही रहना था। 1942 में अल्बर्ट कामू ने इस कहानी पर एक मशहूर एस्से  लिखा। उन्होंने कहा कि सिसीफस की यह सजा असल में हम इंसानों की जिंदगी का रूपक  है। कामू ने इसके जरिए अपनी फिलॉसफी दी, जिसे Absurdism कहा जाता है। कामू के मुताबिक: जिंदगी का कोई बना-बनाया मतलब नहीं है: हम हर दिन सुबह उठते हैं, तैयार होते हैं, काम पर जाते हैं, घर आते हैं, सो जाते हैं और अगले दिन...