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Hindi kahaniya - बड़ा पैकेज


मान्या दुविधा में फँस गई कि इंटरव्यू देने वेटिंग रूम से उठकर अंदर जाए या नहीं? उसने मोहन को उस कमरे में जाते देखा था जहाँ नौकरी चाहनेवालों का साक्षात्कार चल रहा था।

कुछ साल पहले की बात है, मान्या एक नामी कंपनी में अच्छी खासी तनख्वाह पर काम करती थी। मोहन के साथ उसके रिश्ते की बात चली। दोनों एक-दूसरे से मिले भी। लेकिन मान्या ने यह कहकर शादी से इनकार कर दिया कि मोहन का पैकेज उससे कम है।


समय ने ऐसी करवट ली कि मान्या की कंपनी से उसकी छँटनी हो गई। अब वह दूसरी नौकरी के लिए हाथ-पैर मार रही थी। यहाँ आकर पता चला कि जिस कंपनी में वह जॉब तलाश रही थी, मोहन उसमें काम करता था और इंटरव्यू लेनेवाली टीम में शामिल था। एकबार मान्या के मन में आया कि मोहन के सामने बेईज्जती कराने से अच्छा है कि वापस घर चली जाए, लेकिन नौकरी की जरूरत के सामने तथाकथित मान-सम्मान को सहेजकर रख पाना मुश्किल था।

अपनी बारी आने पर वह इंटरव्यू कमेटी के सामने बैठी थी। सदस्य सवाल पूछ रहे थे।

‘आप हमारे पैकेज पर काम करने के लिए तैयार हैं?’ मोहन ने जैसे मान्या की दुखती रग पर हाथ रख दिया था।

‘जी... जी हाँ।’ मान्या ने पुरानी बात याद कर कड़वाहट को छिपाते हुए सधे स्वर में जवाब दिया- ‘पैकेज तो योग्यता पर भी निर्भर करता है। मुझे काम करने का अवसर दीजिए। मैं खुद को साबित करने की पूरी कोशिश करूँगी।’

मोहन के कारण मान्या को नौकरी मिल गई। संयोगवश उसे मोहन की अधीनस्थ बनाया गया।

पहले दिन ही मोहन ने पूछ लिया- ‘मेरे साथ काम करने में कोई संकोच तो नहीं? अब तो मेरा पैकेज भी आपसे अधिक है।’

मान्या ने थोड़ी सोची, फिर हिम्मत बटोरकर बोली- ‘आप पुरानी बातों को नहीं भूले हैं। तब से आज तक गंगा में बहुत पानी बह चुका है। मुझे अपनी भूल का एहसास हो चुका है। महिलाओं की बराबरी की कितनी भी बातें की जाएँ परंतु मौका आने पर उन्हें अमल में नहीं लाया जाता। मैं जीवन साथी ऐसे पुरुष को बनाना चाहती थी जो मुझसे अधिक कमाता हो और उम्र में बड़ा हो। यानी स्त्री स्वयं पुरुष से कमतर बनी रहना चाहती है। वरना यह क्यों आवश्यक है कि पति उम्र में बड़ा हो और पत्नी से ज्यादा कमाता हो?’

मोहन को शायद इतनी सफाई की उम्मीद नहीं थी। वह धीरे से बोला- ‘मैं अभी भी ऐसे जीवनसाथी की तलाश में हूँ जो मेरी कमियों के साथ मुझे स्वीकार कर ले। वैसे बता दुँ कि आप हीं मेरी प्रेरणा हो, यदि उसदिन आप मुझसे शादी से मना नहीं करती तो शायद मैं यहाँ तक नहीं पहुंच पाता... और हाँ, आपके रेज्यूमे से मुझे पता है कि आप अभी भी सिंगल हैं। क्या हम आज डिनर पर चल सकते हैं?’

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